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Amazing ways to develop great focus - Scientifically proved

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Developing great focus requires a combination of mental and physical strategies. Here are some scientifically-backed ways to improve your focus: 1. Mindfulness meditation:  Practicing mindfulness meditation has been shown to improve attention and focus.  This type of meditation involves focusing your attention on the present moment and letting go of distracting thoughts. 2. Exercise:   Regular exercise has been shown to improve cognitive function, including attention and focus. Exercise increases blood flow to the brain, which can help improve mental clarity. 3. Sleep:  Getting enough sleep is crucial for maintaining good cognitive function, including focus. Lack of sleep can impair attention and concentration, so aim for 7-9 hours of sleep per night. 4. Breaks and rest:  Taking breaks and allowing for rest periods can improve focus and productivity. Research has shown that taking short breaks can help improve concentration and prevent burnout. 5. Mindful breath...

कार्बन के यौगिको का IUPAC नामकरण

कार्बोनिक यौगिको का नामकरण करने के लिए मुख्य रूप से 3 तरह की पद्धति है - रूढ़ पद्धति व्युत्पन्न पद्धति IUPAC पद्धति IUPAC  पद्धति में किये गए नामकरण पुरे विश्व में मान्य होते है .  IUPAC  (  International Union Of Pure And Applied Chemistry  )एक अंतर्राष्ट्रीय संस्था है . IUPAC  पद्धति में नामकरण के लिए हमें निम्न बाते ध्यान में रखनी होती है जैसे कि - यौगिक में कार्बन परमाणुओं की संख्या तथा क्रमश IUPAC द्वारा निर्धारित अनुलग्न तथा पूर्वलग्न यौगिक में उपस्थित प्रतिस्थापी का IUPAC नाम तथा प्रतिस्थापियो की संख्या यौगिक में उपस्थित एकल बंध , द्विबंध या त्रिबंध की संख्या      पूर्वलग्न का निर्धारण -      अणु में कार्बन परमाणुओं की संख्या पूर्वलग्न            1 मेथ            2 एथ      ...

कार्बन परमाणु

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                कार्बन परमाणु के कुछ मुख्य बिंदु -  आवर्त सारणी में कार्बन परमाणु का क्रमांक 6 होता है . कार्बन का परमाणु द्रव्यमान 12 होता है . इसे C से प्रदर्शित करते है . C परमाणु की ज्यामिति समचतुश्फलाकीय होती है तथा प्रत्येक फलक त्रिभुजाकार होता है . C परमाणु का इलेक्ट्रोनिक विन्यास 1s ² 2s ² 2p ² होता है अर्थात C परमाणु के बहयातम कोश में 4 इलेक्ट्रान पाए जाते है . अपने बहयातम कोश में 8 इलेक्ट्रान पुरे करने के लिए C परमाणु , दुसरे परमाणुओं के साथ अभिक्रिया करके इलेक्ट्रान साझा कर लेता है . C परमाणु अपना अष्टक पूरा करने के लिए , किसी दुसरे तत्व के परमाणु के साथ एकल बांध , द्विबंध  या त्रिबंध द्वारा जुड़कर इलेक्ट्रान साझा करता है . C परमाणुओं की हाइड्रोजन परमाणुओं के साथ अभिक्रिया करके बनाए गए यौगिको को हाइड्रोकार्बन कहते है . किसी यौगिक में दो कार्बन परमाणु से जुड़े बंधो के बीच का कोण  109 °28 ' होता है .

आवर्त सारणी में तत्वों के धात्विक तथा अधात्विक गुण

-> किसी तत्व के परमाणु द्वारा इलेक्ट्रान त्यागकर धनायन बनाने की प्रवत्ति को उस तत्व का धात्विक       गुण कहते है . -> वर्ग 1 के तत्व सबसे अधिक विद्युत् धनि तत्व होते है . क्योकि ये आसानी से इलेक्ट्रान त्यागकर   धनायन बना लेते है . वर्ग 1 के तत्व आवर्त सारणी में सर्वाधिक धात्विक गुण दर्शाते है . -> किसी तत्व के परमाणु द्वारा इलेक्ट्रान ग्रहण करके ऋनायन बनाने की प्रवत्ति को उस तत्व का   अधात्विक   गुण कहते है . -> वर्ग 17 के तत्व ( हैलोजन ) आसानी से इलेक्ट्रान ग्रहण करके ऋनायन बना लेते है , इस कारण   सर्वाधिक अधात्विक गुण दर्शाते है . -> आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे जाने पर धात्विक गुणों में कमी होती है . -> आवर्त सारणी में बाये से दाये जाने पर अधात्विक गुणों में कमी पाई जाती है . 

अष्टक का नियम

-> जिस तरह से प्रत्येक व्यक्ति अपना स्थायित्व प्राप्त करने की कोशिश करता है , उसी तरह से आवर्त सारणी       में प्रदर्शित किया गया प्रत्येक तत्व भी स्थायित्व प्राप्त करने की कोशिश करता है .  -> कोई भी तत्व केवल तभी स्थायी कहलाता है , जब उस तत्व के बहयातम कोश में 8 इलेक्ट्रान हो जाते है .  -> कोई भी तत्व अपने बहयातम कोश में 8 इलेक्ट्रान पुरे करने के लिए या तो इलेक्ट्रान त्यागते है , या ग्रहण         करते है या फिर दुसरे परमाणु के साथ साझा करते है .  -> आवर्त सारणी में प्रदर्शित 18 वा वर्ग में अक्रिय गैसों को रखा गया है . अक्रिया गैस सदैव अपनी स्थायी             अवस्था में पाई जाती है . जैसे कि हाइड्रोजन H , हीलियम He , नियोन Ne , आर्गन Ar , क्रिप्टोन Kr ,               जिनोन Xe , रेडोंन Rn .

तत्वों की संयोजकता

किसी भी तत्व के बहयातम कोश में उपस्थित इलेक्ट्रान की संख्या को ही उस तत्व की संयोजकता कहते है . या हम कह सकते है की " परमाणुओ  किसी रासायनिक अभिक्रिया में भाग लेने पर एक परमाणु द्वारा त्यागे गए या ग्रहण किये गए या साझा किये गए इलेक्ट्रान की संख्या को उस तत्व की संयोजकता कहते है . " जैसे कि - कैल्शियम Ca की संयोजकता 2 होती है , इसलिए इसे  Ca 2+ से दर्शाते है .  कुछ तत्व परिवर्तनशील संयोजकता भी दर्शाते है . जैसे कि फेरम Fe ( लोहा ) +2 तथा +3 दर्शाता है . जिसे क्रमश फेरस तथा फेरिक कहते है .

आवर्त सारणी के गुणों में आवर्तिता

यदि आवर्त सारणी में ऊपर से नीचे या बाए से दाए की तरफ जाये , तो तत्वों के भोतिक तथा रासायनिक गुणों में एक निश्चित क्रम दिखाई देता है . तत्वों के गुणों में ये परिवर्तन उनके इलेक्ट्रॉनिक विन्यास के कारण होता है . तत्वों के गुणों में इस क्रमिक परिवर्तन को ही आवर्तिता कहते है .  आवर्तिता निम्न गुणों में पाई पाई जाती है -  1. परमाणु आकार  2. आयनिक त्रिज्या  3. आयनन एन्थैल्पी  4. इलेक्ट्रान लब्धि एन्थैल्पी  5. विद्युत ऋणता 

आधुनिक आवर्त सारणी

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मैंडलीफ ने जब आवर्त सारणी का निर्माण किया था जब परमाणु में इलेक्ट्रान , प्रोटोन , न्यूट्रॉन  की व्यवस्था की जानकारी नहीं दी गई थी . इसीलिए मैंडलीफ ने परमाणु भर को ही आवर्त सारणी के लिए मुख्य आधार माना था . 20 वी सदी के प्रारंभ में इलेक्ट्रान , प्रोटोन , न्यूट्रॉन की जानकारी के बाद सन 1913 में हेनरी मोजले ने आवर्त सारणी को फिर से व्यवस्थित किया . उन्होंने पाया की परमाणु भार की तुलना में , परमाणु क्रमांक की सहायता से तत्वों को ज्यादा आसानी से प्रदर्शित किया जा सकता है . इस प्रकार मोजले ने संशोधित आवर्त नियम दिया जसके अनुसार , " तत्वों के भोतिक तथा रासायनिक गुण उनके परमाणु क्रमंको के आवर्ती फलन होते है . " इसे ही आधुनिक आवर्त नियम कहते है . आधुनिक आवर्त सारणी को निम्न बिन्दुओ से समझा जा सकता है - -> आधुनिक आवर्त सारणी में तत्वों को बढ़ते हुए परमाणु क्रमंको के आधार पर रखा गया है . -> परमाणु के नाभिक में उपस्थित प्रोटोनो की संख्या परमाणु क्रमांक के सामान होती है . -> आवर्त सारणी स्वयं ही तत्वों के electronic विन्यास को बताती है . -...